13 फ़रवरी 2020 - 14:10
आईआरजीसीः जनरल सुलैमानी प्रतिरोध के मोर्चे को नई ताक़त दी, हाशिम अलहैदरीः शहीद सुलैमानी और उनके साथियों की शहादत का बदला इस्राईल

आईआरजीसी के प्रवक्ता ने शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की तैनाती का उद्देश्य ज़ायोनियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में प्रतिरोध के मोर्चे को मज़बूत करना बताया।

ब्रिगेडियर जनरल रमज़ान शरीफ़ ने जनरल शहीद क़ासिम सुलैमानी के उरुमिये में चेहलुम के विशेष समारोह में यह बात की। उन्होंने गुरुवार को उरूमिये में कहा कि प्रतिरोध के मोर्चे के उपाय से क्षेत्र में अमरीका की सभी साज़िश नाकाम हो गयी।

ब्रिगेडियर जनरल रमज़ान शरीफ़ ने कहाः "अमरीकियों के हाथों शहीद सुलैमानी की हत्या, पश्चिम एशिया क्षेत्र में उनकी मौजूदगी के अंत का आरंभ है।"

जनरल शरीफ़ ने बल देकर कहा प्रतिरोध के मोर्चे के सरदारों की हत्या से दुश्मनों की नाकाम रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अमरीकी क्षेत्र के भूगोल पर क़ब्ज़ा करना और ज़ायोनी शासन के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना चाहते हैं, लेकिन ये सभी साज़िशें शहीद सुलैमानी और प्रतिरोध के मोर्चे के कमान्डरों के उपाय से नाकाम हत रही हैं।

आईआरजीसी के प्रवक्ता ने याद दिलाया कि जनरल सुलैमानी की शहादत के बाद आईआरजीसी के थप्पड़ ने अमरीका की हैसियत मिट्टी में मिला दी और इस थप्पड़ से क्षेत्र से अमरीका का निकलना निश्चित हो गया।

दूसरी ओर शहीद सुलैमानी और इराक़ी स्वयंसेवी बल हश्दुश शाबी के डिप्टी कमान्डर शहीद महदी अलमुहन्दिस के चेहलुम का विशेष समारोह बुधवार को पवित्र नगर क़ुम में हज़रत माहूमा के रौज़े में आयोजित हुआ, जिसमें इराक़ी स्वयंसेवी बल हश्दुशशाबी के उपप्रमुख सय्यद हाशिम अलहैदरी ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि जनरल सुलैमानी और उनके साथियों के ख़ून का बदला इस्राईल का विनाश और पश्चिमी एशिया से अमरीका के निकलने के रूप में सामने आएगा।

इरना के मुताबिक़, सय्यद हाशिम अलहैदरी ने शहीद सुलैमानी को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक मंच की अद्वितीय शख़्सियत बताया।